गुरुग्राम की Lady Thag कैब ड्राइवर बना ‘एटीएम’ ड्राइवर से ही उधार लेकर किया लंच; रुपये मांगने पर पहुंच गई थाने
शानदार सवारी, ड्राइवर के पैसों पर लंच और फिर थाने में ड्रामा;इस 'लेडी ठग' की कहानी सुन दंग रह जाएंगे आप!

Lady Thag/गुरुग्राम। कल्पना कीजिए, आप सुबह काम पर निकलते हैं यह सोचकर कि आज अच्छी कमाई होगी, लेकिन आपको एक ऐसी सवारी मिल जाए जो न केवल आपको घंटों शहर की गलियों में नचाए, बल्कि आपके ही पैसों से शाही लंच भी करे! गुरुग्राम में एक कैब ड्राइवर के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, जिसे एक महिला सवारी ने ‘फ्री राइड’ और ‘मुफ्त दावत’ का जरिया बना लिया।

शुरुआत राइड से, अंत ‘धमकी’ से
नूंह के रहने वाले जियाउद्दीन के लिए बुधवार की सुबह किसी बुरे सपने जैसी रही। सुबह 8 बजे ज्योति नाम की एक महिला ने उनकी ओला कैब बुक की। सफर शुरू हुआ सेक्टर 31 से, लेकिन यह सफर खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था। महिला ने ड्राइवर को बस स्टैंड से लेकर साइबर सिटी के चमचमाते दफ्तरों तक, पूरे शहर की सैर करवाई।
ड्राइवर को बनाया ‘पर्स’
हैरानी की बात तो तब हुई जब सफर के बीच में महिला ने अपना फोन बंद होने का बहाना बनाया। उसने मासूमियत से ड्राइवर से पैसे मांगे। जियाउद्दीन ने मदद समझकर पहले 700 रुपये दिए, लेकिन ज्योति की डिमांड यहीं खत्म नहीं हुई। वह जहाँ भी रुकी, खाने-पीने का लुत्फ उठाया और बिल का भुगतान ऑनलाइन ड्राइवर के खाते से ही करवाती रही।

जब मांगा हिसाब, तो शुरू हुआ ‘इंसाफ’ का ड्रामा
दोपहर ढलते-ढलते जब जियाउद्दीन ने हिम्मत जुटाकर अपनी मेहनत की कमाई और उधार दिए पैसे मांगे, तो महिला का चेहरा बदल गया। सहानुभूति की जगह अब ‘धमकी’ ने ले ली थी। ज्योति ने साफ कह दिया— “पैसे मांगोगे, तो छेड़छाड़ और चोरी के झूठे केस में अंदर करवा दूंगी!”
इतना ही नहीं, खुद को बचाने के लिए वह ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ की तर्ज पर खुद ही थाने पहुंच गई।
पुलिस की जांच में खुला ‘पुराना खाता’
जब मामला सेक्टर 29 थाने पहुंचा, तो पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी। जियाउद्दीन की आपबीती और महिला के बदलते बयानों ने पुलिस को शक में डाल दिया। गहनता से जांच की गई तो पता चला कि यह मैडम इस खेल की पुरानी खिलाड़ी हैं! वह पहले भी कई लोगों को इसी तरह गुमराह कर ठगी कर चुकी हैं।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्राइवर की शिकायत पर ज्योति के खिलाफ धोखाधड़ी (Cheating) और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी कर ली है।
सीख: यह घटना उन सभी के लिए सबक है जो दूसरों की मदद करते समय सावधानी नहीं बरतते। कभी-कभी आपकी उदारता का फायदा उठाने के लिए लोग आपके पास ही ‘सवारी’ बनकर आ सकते हैं।












